मुरादाबाद में भारी सर्दी का अलर्ट जारी, अगले दो दिन में कैसे रहेगा मौसम

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​मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी बेल्ट में स्थित मुरादाबाद इन दिनों सफेद अंधेरे (घने कोहरे) और हाड़ कंपाने वाली शीतलहर की गिरफ्त में है। सुबह की शुरुआत सूरज की किरणों से नहीं, बल्कि ओस की बूंदों और सुन्न कर देने वाली हवाओं से हो रही है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिनों तक ‘कोल्ड डे’ की स्थिति बनी रहेगी। लेकिन यह केवल मौसम का मिजाज नहीं है, बल्कि यह मुरादाबाद के जनजीवन के लिए एक कड़ी परीक्षा की घड़ी है।

कोहरे का ‘ब्लैकआउट’: सड़कों पर रेंगती जिंदगी

मुरादाबाद में सुबह के वक्त कोहरा इतना घना है कि विजिबिलिटी कई स्थानों पर 10 मीटर से भी कम रह गई है। इसका सीधा असर दफ्तर जाने वाले लोगों और आवश्यक सेवाओं पर पड़ रहा है। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें और हेडलाइट्स के सहारे रेंगती गाड़ियां शहर की नई तस्वीर बन गई हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और उन कर्मचारियों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, जिन्हें सुबह जल्दी घर से निकलना पड़ता है।

अलाव की राजनीति और जमीन की हकीकत

ठिठुरन बढ़ने के साथ ही शहर के चौराहों पर अलाव ही एकमात्र सहारा नजर आ रहे हैं। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं, लेकिन गली-मोहल्लों में लोग खुद ही लकड़ियां और कूड़ा जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। क्या मुरादाबाद के रैन बसेरों की क्षमता इतनी है कि वह हर बेसहारा को छत दे सकें? यह सवाल इस ठंड में और भी गहरा हो गया है।

स्कूली बच्चों के लिए ‘विंटर रिस्क’: क्या केवल छुट्टी ही समाधान है?

मुरादाबाद में स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यह मौसम सबसे ज्यादा परेशानी भरा साबित हो रहा है। शीतलहर के कारण बच्चों में निमोनिया और वायरल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टियों के आदेश जारी किए हैं, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य के बीच का यह संतुलन हर साल एक नई चुनौती पेश करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मौसम में बच्चों को ‘लेयर्ड क्लोथिंग’ और गर्म खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

स्वास्थ्य चेतावनी: बढ़ रहे हैं हार्ट और अस्थमा के मामले

कड़ाके की इस ठंड ने जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। डॉक्टरों के अनुसार, अचानक बढ़ी ठिठुरन के कारण बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर और अस्थमा की समस्या तेजी से बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि सुबह और शाम के वक्त जब कोहरा और ठंड चरम पर हो, तो बाहर निकलने से बचें।