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तिगरी धाम में उमड़ा लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब- रेत पर मस्ती कर रहे बच्चे

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 भूदेव भगलिया, वरिष्ठ संवाददाता

अमरोहा -तिगरीधाम: पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध तिगरी धाम इन दिनों भक्तों की भारी भीड़ से गुलजार है। देवोत्थान एकादशी के बाद शुरू हुए गंगा तिगरी मेले में लाखों श्रद्धालु मां गंगा के पावन तट पर पहुंच चुके हैं। दूर-दूर से आए लोग गंगा स्नान कर पापों का तर्पण कर रहे हैं। सुबह से ही घाटों पर स्नान का सिलसिला शुरू हो जाता है, और शाम होते-होते आरती का नजारा किसी जादू जैसा लगता है। बच्चे-बूढ़े, जवान-सबकी आंखों में भक्ति की चमक साफ झलक रही है। मेले का ये नजारा देखने लायक है, जहां हर तरफ हर-हर गंगे के जयकारे गूंज रहे हैं। तिगरी धाम की ये परंपरा सदियों पुरानी है, जो त्रेता युग के श्रवण कुमार और महाभारत काल के पांडवों से जुड़ी हुई है। हर साल यहां लाखों लोग आते हैं, लेकिन इस बार भीड़ तो रिकॉर्ड तोड़ रही है। गंगा की निर्मल धारा में डुबकी लगाते ही श्रद्धालु खुद को धन्य महसूस करते हैं। मेले में दुकानें सजी हैं, जहां से लोग प्रसाद, खिलौने और स्थानीय व्यंजन खरीद रहे हैं। ये मेला न सिर्फ धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव भी बन गया है।

Tigri Ganga Mela 2025
Tigri Ganga Mela 2025

बच्चे रेत में कर रहे मस्ती

तिगरी धाम के रेत भरे तट पर बच्चों की चहल-पहल देखने लायक है। गंगा की रेत पर वे घर-घर खेल रहे हैं, बालू के महल बना रहे हैं और एक-दूसरे पर पानी के छींटे मारकर मस्ती कर रहे हैं। मां-बाप थोड़ी दूर बैठे उन्हें देखकर मुस्कुरा रहे हैं। ये नजारा मेले को और जीवंत बना देता है। छोटे-छोटे बच्चे रेत में हाथ-पैर मारते हुए हंस-खेल रहे हैं, तो बड़े बच्चे गंगा में उतरकर तैराकी का लुत्फ उठा रहे हैं। लेकिन माता-पिता सतर्क हैं, क्योंकि पानी की धारा तेज है। बच्चे रेत पर लिख-लिखकर नाम गंगा को समर्पित कर रहे हैं, या फिर बालू के ढेर से खिलौने बना रहे हैं। ये मासूमियत भरी मस्ती देखकर हर कोई दिल से तारीफ करता है। मेले में खासतौर पर बच्चों के लिए झूले, चकरी और आइसक्रीम की दुकानें लगी हैं, जो उनकी खुशी दोगुनी कर देती हैं। तिगरी धाम का ये हिस्सा परिवारों के लिए सबसे पसंदीदा है, जहां बच्चे घंटों बिना थके खेलते रहते हैं। रेत की ठंडक और गंगा की लहरों की आवाज के बीच उनकी किलकारियां मेले की जान हैं।

कड़ी सुरक्षा की है व्यवस्था

मेले में लाखों लोगों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की है। डीआईजी मुनिराज के नेतृत्व में पुलिस फोर्स तैनात है, जो हर कोने में मुस्तैद है। सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, ड्रोन से निगरानी हो रही है, और लाइफ गार्ड गंगा तट पर सतर्क खड़े हैं। पार्किंग की व्यवस्था अलग-अलग जोनों में की गई है, ताकि जाम न लगे। मेडिकल टीम और एम्बुलेंस भी तैयार हैं, जो किसी भी इमरजेंसी में तुरंत मदद पहुंचा सकें। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और एसपी अमित कुमार आनंद ने खुद सुरक्षा की समीक्षा की है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि गहरे पानी में न उतरें और बच्चों पर नजर रखें। मेले में आने वाले हर व्यक्ति की तलाशी ली जा रही है, और वाहनों की चेकिंग सख्त है। ये व्यवस्था न सिर्फ सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि श्रद्धालुओं को निश्चिंत होकर दर्शन करने का मौका दे रही है। पुलिसकर्मी मुस्कुराते हुए दिशा-निर्देश दे रहे हैं, जो मेले के माहौल को और सौहार्दपूर्ण बना रहा है। कड़ी सुरक्षा के बावजूद भीड़ का प्रवाह सुचारू है, और कोई बड़ी घटना नहीं हो रही। प्रशासन की ये मुस्तैदी तारीफ की हकदार है।

तुब का शहर बन गया है

तिगरी धाम पर मेले के कारण पूरा इलाका ‘तुब का शहर’ बन गया है। चारों तरफ टेंट, पंडाल और अस्थायी दुकानें सजी हैं, जो किसी छोटे शहर जैसी लग रही हैं। रंग-बिरंगे झंडे, लाइटिंग और सजावट ने माहौल को उत्सवी बना दिया है। खाने-पीने की दुकानें, चाट-पकौड़े के ठेले, और हस्तशिल्प की दुकानें कतार में लगी हैं। रात होते ही लाइटों की चमक से जगह जगमगा उठती है। तिगरी का ये रूप देखकर लगता है जैसे कोई नया शहर बस गया हो। श्रद्धालु इन टेंट्स में रुककर आराम कर रहे हैं, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं। मंच पर रामायण मंचन, फोक डांस और भजन-कीर्तन हो रहे हैं। ‘तुब का शहर’ कहना गलत नहीं, क्योंकि यहां बिजली, पानी, शौचालय सबकी व्यवस्था है। मेले के दौरान ये अस्थायी शहर लाखों लोगों का आश्रय बन जाता है। स्थानीय लोग भी अपनी दुकानें लगाकर कमाई कर रहे हैं। ये नजारा तिगरी धाम की जीवंतता को दर्शाता है, जहां परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम हो रहा है।

अमरोहा, 02 नवंबर 2025। तिगरी मेले का ये उत्सव कई दिनों तक चलेगा, और हर रोज नया रंग दिखेगा। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार ने कहा कि अगले साल इसे कुंभ जैसा भव्य बनाया जाएगा। हसनपुर विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी ने स्वच्छता पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने सहयोग की अपील की। कार्यक्रम में विधायक, एमएलसी, अधिकारी और हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। मेले की ये भव्यता पश्चिमी यूपी की धार्मिक विरासत को मजबूत कर रही है।