Uttarakhand News : कांवड़ मेले में बजने वाले तेज DJ और ऊंची कांवड़ पर लगेगी लगाम, CM धामी ने अधिकारियों को दिए ये सख्त निर्देश

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हरिद्वार। आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली विश्व प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य ‘सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़’ है।

महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट और घाटों पर वाटर एंबुलेंस

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ मेले में महिला श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र और प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे ‘पिंक टॉयलेट्स’ (Pink Toilets) बनाए जाएं। साथ ही, आपातकालीन चिकित्सा के लिए मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और प्रमुख घाटों (हर की पैड़ी आदि) पर ‘वाटर एंबुलेंस’ की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

कांवड़ यात्रा 2026 (एक नज़र में प्रमुख व्यवस्थाएं):

व्यवस्था/नियममुख्यमंत्री के निर्देश
सुरक्षा व निगरानीCCTV, ड्रोन और AI आधारित सिस्टम से चप्पे-चप्पे पर निगरानी।
यातायात/VIP मूवमेंटकांवड़ियों के लिए अलग ट्रैफिक प्लान; VIP मूवमेंट से श्रद्धालुओं को न रोका जाए।
प्रतिबंधमानकों से अधिक ऊंची कांवड़ और तेज ध्वनि वाले DJ पर प्रभावी नियंत्रण।
खाद्य सुरक्षाहोटलों/ढाबों में खाने की जांच; लाइसेंस का डिस्प्ले अनिवार्य।
आपातकालीन टीमSDRF, NDRF, जल पुलिस और अग्निशमन विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो खैर नहीं

कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम धामी ने कहा कि माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं या अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और त्वरित कार्रवाई हो। धर्माचार्यों और संतों के संदेशों वाले वीडियो भी कांवड़ियों तक पहुंचाए जाएंगे ताकि यात्रा अनुशासित ढंग से संपन्न हो।

होटल-ढाबों की होगी चेकिंग, नो-प्लास्टिक पर जोर

मुख्यमंत्री ने पूरे कांवड़ मार्ग पर नियमित सफाई और ‘नो-प्लास्टिक अभियान’ को सख्ती से लागू करने को कहा है। इसके अलावा, सभी होटलों, ढाबों और भंडारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। सभी प्रतिष्ठानों को अपना पंजीकरण (Registration) और लाइसेंस स्पष्ट रूप से टांगना होगा।

महाकुंभ-2027 की तैयारियों पर न पड़े असर

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ मेले के आयोजन के दौरान आगामी महाकुंभ-2027 की तैयारियों में कोई व्यवधान नहीं आना चाहिए। दोनों व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप, हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर समेत देहरादून, पौड़ी और टिहरी के जिलाधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।