मुरादाबाद (ठाकुरद्वारा)। उत्तर प्रदेश में जीएसटी चोरी और साइबर क्राइम के खिलाफ एसआईटी (SIT) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसआईटी ने ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र में ₹4.37 करोड़ की जीएसटी चोरी के मामले में एक अंतरराज्यीय गैंग के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये तीनों आरोपी मूल रूप से हाईटेक साइबर ठग हैं, जिन्होंने देशभर की पुलिस से बचने के लिए अपना ‘पेशा’ बदलकर फर्जी फर्मों के जरिए जीएसटी चोरी का धंधा शुरू कर दिया था।
साइबर ठगी से बचने के लिए बनाई फर्जी फर्म
एसआईटी के नोडल अधिकारी और पुलिस अधीक्षक (क्राइम) सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि 5 मई 2026 को जीएसटी विभाग के अधिकारियों (राज्य कर अधिकारी प्रवीण कुमार, सहायक आयुक्त डॉ. रत्नेंद्र स्वरूप सिंह और राज्य कर अधिकारी अनूप कुमार पांडे) ने ठाकुरद्वारा कोतवाली में जीएसटी चोरी की पांच एफआईआर दर्ज कराई थीं।
इसी मामले की जांच करते हुए SIT ने उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद (जसपुर) निवासी तीन आरोपियों— तरुण भारद्वाज, मोहम्मद शाकिब और नरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे 2023 से जसपुर के रहने वाले दाऊद और वसीम के साथ मिलकर साइबर ठगी करते थे। जब विभिन्न राज्यों की पुलिस उनकी तलाश करने लगी, तो वे ठाकुरद्वारा आ गए और यहां कई फर्जी फर्म बनाकर ₹4.37 करोड़ की जीएसटी चोरी की।
SIT की कार्रवाई पर एक नज़र (Quick Facts):
| विवरण | जानकारी |
| गिरफ्तार आरोपी | तरुण भारद्वाज, मो. शाकिब और नरेश कुमार |
| निवासी | जसपुर (जनपद ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड) |
| घोटाले की रकम | ₹4.37 करोड़ (फर्जी बिल और ICT के जरिए) |
| बरामदगी | 2 मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड |
| कार्रवाई | कोर्ट द्वारा 14 दिन की न्यायिक हिरासत (जेल) |
देश के 8 से ज्यादा राज्यों में फैला है नेटवर्क
इन शातिर ठगों का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। पुलिस के मुताबिक, इनके खिलाफ हरियाणा के फरीदाबाद में भी एक प्राथमिकी दर्ज है। मुख्य रूप से मोहम्मद शाकिब के खिलाफ केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और गुजरात में साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं। वहीं, तरुण भारद्वाज और नरेश कुमार पर भी कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
एसआईटी ने इनके पास से अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड बरामद किए हैं। मंगलवार शाम पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इनके अन्य फरार साथियों (दाऊद और वसीम) की तलाश में जुटी है।