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Azad Sheikh Arrest-ATS ने शामली का आजाद शेख को किया गिरफ्तारी, सोशल मीडिया से बैंक खातों की हो रही है जांच

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Azad Sheikh Arrest-अहमदाबाद में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के गंभीर आरोपों में झिंझाना के आजाद शेख की गिरफ्तारी के बाद शामली जिले में खुफिया तंत्र की हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को जांच एजेंसियों ने झिंझाना में डेरा डाल लिया और परिजनों से घंटों पूछताछ की। आजाद के दोस्तों और संपर्कों की पूरी लिस्ट तैयार की जा रही है। इसी बीच, आजाद के पिता सुलेमान की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पूरे कस्बे में एटीएस टीम के आने की अफवाहें उड़ीं, लेकिन देर शाम तक कोई टीम नहीं पहुंची। ये घटना ने स्थानीय लोगों में डर और सनसनी फैला दी है।

कस्बा झिंझाना के मोहल्ला शेखा मैदान का रहने वाला आजाद शेख रविवार को अहमदाबाद एटीएस के हत्थे चढ़ गया। एटीएस ने परिजनों को दो बार फोन करके गिरफ्तारी की सूचना दी। रात को आजाद से फोन पर बात भी कराई गई। उसके बड़े भाई शहजाद ने बताया कि आजाद ने फोन पर कहा था कि उसका चालान हो चुका है और मेडिकल जांच भी पूरी हो गई है। परिवार वाले सदमे में हैं, लेकिन बाहर से मजबूत दिखने की कोशिश कर रहे हैं।

जांच का दायरा बढ़ा, सोशल मीडिया से बैंक तक सबकी पड़ताल

मंगलवार को भी स्थानीय पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और खुफिया एजेंसियों ने झिंझाना में छापेमारी जारी रखी। एजेंसियों ने आजाद के सोशल मीडिया अकाउंट्स खंगाले, संपर्क सूची चेक की और बैंक खातों की डिटेल्स निकालीं। पता चला कि उसका एक बैंक खाता ऊन की शाखा में है। पासपोर्ट के बारे में अभी तक कोई क्लू नहीं मिला है। ये सब कुछ जुटाने के लिए एजेंसियां रात-दिन लगी हुई हैं, ताकि साजिश का पूरा नेटवर्क बेनकाब हो सके।

एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आजाद की गिरफ्तारी को लेकर एटीएस या किसी अन्य जांच एजेंसी ने अभी आधिकारिक तौर पर संपर्क नहीं किया है। लेकिन स्थानीय पुलिस अपनी तरफ से तथ्यों की जांच में जुटी हुई है। जिले में सतर्कता बरती जा रही है, ताकि कोई और घटना न हो।

भाई का साहसी बयान: दोषी है तो फांसी, निर्दोष तो रिहा करो

आजाद के बड़े भाई शहजाद ने साफ कहा कि उनका भाई बिल्कुल निर्दोष है। उसका किसी राष्ट्रविरोधी गतिविधि से कोई वास्ता नहीं है। शहजाद ने चैलेंज देते हुए बोला, “अगर वह दोषी साबित होता है तो उसे फांसी पर लटका दो, लेकिन अगर निर्दोष निकला तो तुरंत रिहा कर दिया जाए।” ये बयान सुनकर पूरा कस्बा हिल गया। शहजाद ने कहा कि परिवार को झूठे इल्जामों से तोड़ने की साजिश हो रही है, लेकिन वे सच के लिए लड़ेंगे। पिता सुलेमान की हालत गंभीर बनी हुई है, जो इस सदमे का शिकार हो गए हैं।

50 से ज्यादा नंबर रडार पर, लैपटॉप से मिलेंगे सुराग?

सूत्रों के मुताबिक, आजाद के संपर्क में रहने वाले 50 से ज्यादा मोबाइल नंबर अब एटीएस और पुलिस के रडार पर हैं। जांच एजेंसियों को लगता है कि इन नंबर्स से ही बड़े सुराग मिलेंगे। एटीएस आजाद के बरामद लैपटॉप की भी गहन जांच कर रही है। हो सकता है कि इससे साजिश की पूरी परतें खुल जाएं। झिंझाना में माहौल तनावपूर्ण है, लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतना बड़ा नेटवर्क कैसे फैला। स्थानीय प्रशासन ने सभी को शांति बनाए रखने की अपील की है।

ये गिरफ्तारी गुजरात एटीएस की एक बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है, जिसमें तीन संदिग्धों को पकड़ा गया। आजाद पर हथियारों की डिलीवरी लेने और संवेदनशील जगहों की रेकी करने का आरोप है। लेकिन परिवार का दावा है कि ये सब बेबुनियाद हैं। जांच आगे बढ़ रही है, और जल्द ही सच सामने आएगा। शामली जैसे छोटे कस्बे में ऐसी घटना ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सुरक्षा के जाल में कहां-कहां सेंध लग रही है।