मोनालिसा ने अपने पिता पर लगाये गंभीर आरोप, पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार

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Monalisa Farman Khan Controversy: प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान अपनी नीली आंखों के कारण रातों-रात इंटरनेट पर मशहूर हुईं मोनालिसा भोसले एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला उनकी किसी तस्वीर का नहीं, बल्कि एक गंभीर पारिवारिक और कानूनी विवाद का है। मोनालिसा ने अपनी जान को खतरा बताते हुए केरल पुलिस से मदद और सुरक्षा की गुहार लगाई है। तो चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

पिता पर लगाए गंभीर आरोप
मोनालिसा रविवार शाम अपने वकील के साथ कोच्चि (केरल) के एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस स्टेशन पहुंचीं। उन्होंने अपने ही पिता पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मोनालिसा का कहना है कि उनके पिता ने जबरन उनका पासपोर्ट छीन लिया है। उनके बैंक अकाउंट से बिना उनकी मर्जी के 10 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं। इसके अलावा मोनालिसा ने पत्रकारों से साफ कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।

आखिर क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला मोनालिसा और फरमान खान की शादी से जुड़ा है, जिसमें दो राज्यों केरल और मध्य प्रदेश की पुलिस शामिल हो चुकी है। मोनालिसा के पिता का दावा है कि उनकी बेटी अभी नाबालिग है। इसी बात को आधार बनाकर उन्होंने मध्य प्रदेश में फरमान खान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करवा दिया है।
मोनालिसा खुद को बालिग बताती हैं और उनका कहना है कि वे अपनी मर्जी से अपनी जिंदगी के फैसले ले सकती हैं। केरल हाई कोर्ट ने भी शुरुआती जानकारी देखकर यह माना था कि मोनालिसा बालिग लगती हैं।

पहले मिली सुरक्षा क्यों हटा ली गई थी?
इससे पहले भी मोनालिसा ने केरल हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कोर्ट के आदेश पर उन्हें पुलिस सुरक्षा मिली थी। बाद में पुलिस ने कोर्ट को बताया कि मोनालिसा और फरमान से उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है और उन्हें नहीं पता कि दोनों कहां रह रहे हैं। इस वजह से कोर्ट ने सुरक्षा वापस ले ली थी।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर भविष्य में मोनालिसा को सुरक्षा की जरूरत महसूस हो, तो वह दोबारा पुलिस के पास जा सकती हैं। कोर्ट की इसी छूट के कारण मोनालिसा अब फिर से पुलिस स्टेशन पहुंची हैं।

पति फरमान खान की मुश्किलें
एक तरफ मोनालिसा केरल में अपनी सुरक्षा के लिए लड़ रही हैं, तो दूसरी तरफ उनके पति फरमान खान मध्य प्रदेश में कानूनी लड़ाई का सामना कर रहे हैं।केरल हाई कोर्ट ने फरमान को गिरफ्तारी से बचने के लिए एक महीने की ट्रांजिट जमानत दी थी, ताकि वह मध्य प्रदेश की अदालत में जाकर अग्रिम जमानत ले सकें। हालांकि, उन्हें अग्रिम जमानत नहीं मिल पाई और उनकी याचिका खारिज कर दी गई।

आगे क्या होगा?
एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस स्टेशन के अधिकारियों का कहना है कि मोनालिसा की नई अर्जी पर तुरंत कोई फैसला नहीं लिया गया है। पहले इस मामले पर कोच्चि शहर के पुलिस कमिश्नर से विस्तार से चर्चा की जाएगी, जिसके बाद ही मोनालिसा की सुरक्षा को लेकर कोई कदम उठाया जाएगा।